इकबाल कुरैशी: एक भूले-बिसरे सुरकार की अमर धुनों की कहानी
‘एक चमेली के मंडवे तले’—मोहम्मद रफी और आशा भोसले की आवाज़ में गाया यह गीत आज भी दिलों को छूता है। इसके पीछे जिनका संगीत था, वो नाम है इकबाल…
‘एक चमेली के मंडवे तले’—मोहम्मद रफी और आशा भोसले की आवाज़ में गाया यह गीत आज भी दिलों को छूता है। इसके पीछे जिनका संगीत था, वो नाम है इकबाल…