नैनीताल के प्रसिद्ध मां नयना देवी मंदिर परिसर से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में एक मुस्लिम परिवार को मंदिर परिसर में घूमते हुए दिखाया गया है, जिसमें वे कथित रूप से जूते-चप्पल पहने नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य श्रद्धालु मंदिर के प्रवेश द्वार पर अपने जूते उतारते दिखाई देते हैं। वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखने को मिल रही है और कुछ लोगों ने इसे मंदिर की धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मां नयना देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में शामिल है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की परंपराओं और नियमों का पालन सभी के लिए आवश्यक है। लोगों का मत है कि मंदिर में किसी भी धर्म के व्यक्ति के आने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन परिसर में जूते-चप्पल पहनकर घूमना अनुचित माना जाता है।
हालांकि, मंदिर समिति ने पूरे मामले में वीडियो को गलत ढंग से पेश किए जाने का दावा किया है। समिति के अध्यक्ष राजीव लोचन शाह ने कहा कि हिंदू धर्म सहिष्णुता और समावेश का संदेश देता है तथा मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बशर्ते नियमों का पालन किया जाए। मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक अधिकारी सुरेश मेलकानी के अनुसार, संबंधित परिवार भ्रमवश बोट स्टैंड की ओर से मंदिर परिसर में पहुंच गया था और सेवादारों ने उन्हें उचित मार्ग दिखाया। मंदिर समिति ने इस वीडियो को भ्रामक तरीके से फैलाने वालों के खिलाफ कोतवाली में शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
