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हीरानगर में उत्तरायणी महोत्सव की रौनक बरकरार, संस्कृति, संगीत और महिला सशक्तिकरण का संगम

हल्द्वानी के हीरानगर स्थित पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में आयोजित उत्तरायणी महोत्सव का दूसरा दिन भी उत्साह और उल्लास से भरा रहा। बृहस्पतिवार को मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने संरक्षक हुकम सिंह कुंवर और मंच अध्यक्ष खड़क सिंह के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मेयर ने कुमाऊंनी लोकसंस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत पर जोर दिया और युवाओं से अपनी परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया।

शाम के समय सांस्कृतिक संध्या में रंगारंग प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। लोकगायक जगदीश कांडपाल ने “लछिमा गोल्डन का झुमका” और “देहरादून की भौजी” जैसे लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं राकेश जोशी के “दे साली म्यार दगड़” और “सुवा मेरी ड्राइवरा” जैसे सुपरहिट गीतों पर लोग देर तक थिरकते रहे। कार्यक्रम में मंच के सचिव देवेंद्र तोलिया समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दोपहर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दौड़ और शंख बजाओ प्रतियोगिताओं में जूनियर और सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
महोत्सव में लगे 120 से अधिक स्टॉलों में स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों की भागीदारी विशेष आकर्षण रही। पर्वतीय क्षेत्रों से आई महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र और चित्रकला के उत्पादों ने न केवल दर्शकों का ध्यान खींचा, बल्कि महिला सशक्तिकरण की सशक्त तस्वीर भी प्रस्तुत की।

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