ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव और इसके प्रभावों के बीच व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति रुकने से शहर में स्ट्रीट फूड कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थिति यह है कि राजमा-चावल, कड़ी-चावल, छोले-भटूरे और छोले-कुलचे जैसे लोकप्रिय व्यंजन बेचने वाले 500 से अधिक ठेले फिलहाल बंद हो गए हैं।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 1873 स्ट्रीट वेंडर्स पंजीकृत हैं, जबकि वास्तविक संख्या चार हजार से भी अधिक बताई जाती है। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से लगभग 1200 विक्रेता स्ट्रीट फूड से जुड़े हुए हैं। मंगलवार से व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद इन विक्रेताओं के सामने काम जारी रखना मुश्किल हो गया है।
नगर निगम ने फिलहाल सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे घर से तैयार किया हुआ भोजन लाकर बेचें। फड़ और ठेलों पर खाना बनाने पर रोक लगा दी गई है, जिसके कारण कई दुकानदारों को अस्थायी रूप से अपना कारोबार बंद करना पड़ा है।
इसका असर शहर के फूड कोर्ट और चौपाटियों पर भी साफ दिख रहा है। हल्द्वानी से काठगोदाम तक हाल ही में शुरू हुए कई चौपाटी क्षेत्रों में पहले जहां अच्छी भीड़ रहती थी, वहीं बुधवार शाम अधिकतर खाने के ठेले बंद नजर आए।
नगर आयुक्त परितोष वर्मा के अनुसार, व्यावसायिक गैस की आपूर्ति दोबारा शुरू होते ही व्यवस्था सामान्य हो जाएगी और स्ट्रीट फूड कारोबार फिर से पटरी पर लौट आएगा।
